जालंधर: जिले में बिना वैध लाइसेंस और डिग्री के चल रहे क्लीनिकों और मेडिकल स्टोरों के खिलाफ स्वास्थ्य एवं ड्रग विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में, थाना लांबड़ा के अधीन आते गांव ताजपुर में ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ‘किरण क्लीनिक’ पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान क्लीनिक संचालक मौके पर कोई भी वैध मेडिकल डिग्री, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

दस्तावेज घर पर होने का किया दावा: छापेमारी के दौरान जब अधिकारियों ने संचालक से उसकी मेडिकल योग्यता और परमिट से जुड़े कागजात मांगे, तो वह घबरा गया। संचालक ने दावा किया कि उसके पास सर्टिफिकेट मौजूद हैं, लेकिन वे घर पर रखे हुए हैं। हालांकि, मौके पर किसी भी तरह का आधिकारिक दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत न किए जाने के बाद अधिकारियों ने क्लीनिक के भीतर मौजूद दवाइयों के स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।
दूसरी दुकान ‘गुरु कृपा हेल्थ केयर Center’ भी रडार पर: जांच के दौरान ड्रग टीम को पता चला कि क्लीनिक संचालक और उसकी पत्नी की पास में ही ‘गुरु कृपा हेल्थ केयर सेंटर’ के नाम से एक अन्य दुकान भी संचालित है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने वहां भी पहुंचकर दस्तावेजों की गहनता से जांच की, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक वहां भी जरूरी लाइसेंस व दस्तावेज नहीं मिल सके।
फिलहाल विभाग की टीम दोनों जगहों से दवाइयों के बिल, स्टॉक रजिस्टर और लाइसेंस संबंधी रिकॉर्ड को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








