जालंधर में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर बड़ा एक्शन! Bawa Building Materials को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का फाइनल नोटिस, 5 नवंबर को होगी कार्रवाई! जालंधर में प्रेमी के सुसाइड मामले में नया और सनसनीखेज मोड़: मृतका बहन के बड़े खुलासे; बोली- “भाई को झूठे केस और किडनैप की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थी गर्लफ्रेंड” एशियन हॉकी चैंपियनशिप से पहले जालंधर नगर निगम का बड़ा एक्शन: भगत सिंह कॉलोनी की झुग्गियों को हटाने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम; मकसूदां और DAV कॉलेज पुल के पास भी मुनादी मौसम बदलते ही जालंधर में मंडराया डेंगू का खतरा: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी किया हाई अलर्ट; साफ पानी जमा न होने देने और सतर्क रहने की अपील जालंधर में साइबर ठगों की बड़ी चाल नाकाम: ट्रैफिक पुलिस के ASI ने अपनी सूझबूझ से बचाए बैंक खाते की गाढ़ी कमाई; ठगों ने ऐसे रची थी साजिश जालंधर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई: गांव ताजपुर में ‘किरण क्लीनिक’ पर रेड; मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के दस्तावेज नहीं दिखा सका संचालक

जालंधर में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर बड़ा एक्शन! Bawa Building Materials को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का फाइनल नोटिस, 5 नवंबर को होगी कार्रवाई!

जालंधर: जालंधर में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के मामले में जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। ट्रस्ट ने अपनी 110 एकड़ विकास योजना के तहत लतीफपुरा क्षेत्र में आने वाली जमीन पर कब्जा वापस लेने की प्रक्रिया तेज करते हुए Bawa Building Materials एवं अन्य संबंधित पक्षों को फाइनल नोटिस जारी किया है। नोटिस के मुताबिक, संबंधित पक्षों को 5 नवंबर 2026 से पहले जमीन खाली कर उसका शांतिपूर्ण कब्जा ट्रस्ट को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रस्ट की ओर से 2 नवंबर 2026 को जारी इस नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक जमीन खाली नहीं की गई तो 5 नवंबर को नियमानुसार कब्जा लेने के लिए कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब सबकी निगाहें 5 नवंबर को होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।

हाईकोर्ट से दूसरी अपील खारिज, ट्रस्ट का रास्ता साफ

इस पूरे मामले में अहम मोड़ तब आया जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने Bawa Building Materials बनाम जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट मामले में दूसरी अपील संख्या RSA-3736-2017 को खारिज कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने 21 जुलाई 2026 को फैसला सुनाते हुए निचली अदालत और प्रथम अपीलीय अदालत के फैसलों को बरकरार रखा।

अदालत ने माना कि जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट अपनी 110 एकड़ विकास योजना के तहत संबंधित भूमि पर अपना अधिकार साबित करने में सफल रहा। वहीं, Bawa Building Materials की ओर से जमीन पर कब्जे को वैध अथवा अधिकृत साबित नहीं किया जा सका।

निजी सामान और मशीनरी हटाने के सख्त निर्देश

इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से जारी नोटिस में संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे विवादित जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने के साथ-साथ वहां रखा अपना निजी सामान, मशीनरी और अन्य सामग्री भी निर्धारित समय के भीतर हटा लें।

नोटिस में साफ कहा गया है कि 5 नवंबर 2026 से पहले जमीन खाली करके उसका शांतिपूर्ण कब्जा ट्रस्ट को सौंपना सुनिश्चित किया जाए। ऐसा नहीं होने की स्थिति में ट्रस्ट अदालत के आदेशों के मद्देनजर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जमीन का कब्जा प्राप्त करेगा।

5 नवंबर को प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी

इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने अपने नोटिस के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के फैसले के अनुरूप की जाएगी। यदि संबंधित पक्ष निर्धारित समय तक जमीन खाली नहीं करते हैं तो 5 नवंबर 2026, वीरवार को कब्जा लेने की कार्रवाई की जा सकती है।

110 एकड़ विकास योजना की जमीन पर अब ट्रस्ट का फोकस

यह मामला जालंधर की 110 एकड़ विकास योजना से जुड़ा होने के कारण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट में दूसरी अपील खारिज होने के बाद अब इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट संबंधित जमीन पर अपना कब्जा वापस लेने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या Bawa Building Materials की ओर से 5 नवंबर से पहले जमीन खाली कर दी जाएगी या फिर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी पड़ेगी?

5 नवंबर का दिन इस पूरे मामले में बेहद अहम रहने वाला है। अब देखना होगा कि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट अपनी कार्रवाई को किस तरह अंजाम देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें