जयपुर: उत्तर भारत के प्रमुख परीक्षा केंद्रों में शुमार राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को आयोजित NEET-PG (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-पोस्ट ग्रेजुएट) परीक्षा के दौरान बड़ा तकनीकी व्यवधान सामने आया है। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद सेंटर का सर्वर अचानक ठप हो गया, जिसके चलते सैकड़ों अभ्यर्थियों की कंप्यूटर स्क्रीन बंद हो गई। परीक्षा बीच में ही रुक जाने से केंद्र पर अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कंप्यूटर स्क्रीन बंद होते ही केंद्र पर मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी पूरी तैयारी के साथ कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे थे। परीक्षा शुरू हुए अभी कुछ ही समय बीता था कि अचानक सर्वर डाउन हो गया और एक के बाद एक कई लैब्स की स्क्रीन पूरी तरह ब्लैक हो गई। परीक्षार्थियों ने तुरंत वहां मौजूद पर्यवेक्षकों (invigilators) को समस्या से अवगत कराया, लेकिन काफी देर तक तकनीकी टीम खराबी को ठीक करने में नाकाम रही।
अभिभावकों का विरोध-प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
परीक्षा केंद्र के भीतर सर्वर की समस्या और अनिश्चितता को देखते हुए अभ्यर्थियों में मानसिक तनाव बढ़ गया। वहीं, बाहर मौजूद अभिभावकों को जब केंद्र के अंदर तकनीकी खराबी की खबर मिली, तो उनका सब्र टूट गया। अभिभावकों ने परीक्षा आयोजकों और तकनीकी एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार पर हंगामा शुरू कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने उत्तेजित भीड़ को शांत कराया और परीक्षा केंद्र के प्रबंधकों से मामले की पूरी जानकारी जुटाई।
प्रशासनिक जांच शुरू, री-एग्जाम की मांग
प्रशासनिक अधिकारियों ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जॉमिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और संबंधित तकनीकी एजेंसी के प्रतिनिधियों को तलब किया है।
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तकनीकी जांच: एक्सपर्ट्स की टीम यह जांच कर रही है कि सर्वर डाउन होने की वजह स्थानीय नेटवर्क की खराबी थी या फिर मुख्य सर्वर से कोई तकनीकी ग्लिच (Glitch) हुआ।
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छात्रों की मांग: परीक्षा प्रभावित होने के कारण अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके कीमती समय और मानसिक एकाग्रता का भारी नुकसान हुआ है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि प्रभावित सेंटर के लिए निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए या फिर उन्हें पूरा अतिरिक्त समय दिया जाए।
फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और परीक्षा एजेंसी की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।








