जालंधर: पुलिस कमिश्नरेट जालंधर ने शहर में बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए एक विशेष पहल शुरू की है। पुलिस कमिश्नर (CP) सतिंदर सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के आसपास बेवजह हॉर्न न बजाएं।

मरीजों और छात्रों की सेहत पर असर: पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अनावश्यक हॉर्न बजाने से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि इसका सीधा और बुरा असर अस्पतालों में भर्ती मरीजों, बुजुर्गों और पढ़ाई में जुटे विद्यार्थियों पर पड़ता है। अस्पतालों में मरीजों को शांत माहौल की जरूरत होती है, जबकि स्कूलों में बच्चे परीक्षाओं और पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाकों में हर नागरिक को जिम्मेदारी दिखानी होगी।
जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील: CP सतिंदर सिंह ने वाहन चालकों को सलाह दी कि वे स्कूल जोन और हॉस्पिटल्स के पास धैर्य से गाड़ी चलाएं, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और दूसरों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जालंधर को एक शांत और सुरक्षित शहर बनाने के लिए हर नागरिक का सहयोग बेहद जरूरी है।









