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जालंधर: धरना गिरोह पर पुलिस का बड़ा एक्शन, कथित संगठन के पदाधिकारियों समेत 7 पर मामला दर्ज

DIG कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद कार्रवाई, पुलिस ने मौके से हिरासत में लेकर दर्ज किया केस; कई गंभीर आरोपों की भी हो रही चर्चा

जालंधर। शहर में आए दिन विभिन्न सरकारी विभागों, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर दबाव बनाने वाले एक समूह पर आखिरकार पुलिस ने कानूनी शिकंजा कस दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से लगातार अलग-अलग मामलों को लेकर प्रदर्शन कर प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाने वाले इस समूह के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि मलसियां से जुड़े एक मामले में दो दिन पहले एसएसपी जालंधर कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो डीआईजी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को जैसे ही प्रदर्शनकारी डीआईजी कार्यालय के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे, थाना बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर थाना बारादरी ले गई। देर शाम पुलिस ने अनिल वर्मा, सुमित कुमार उर्फ सुमित बांगड़ सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

सूत्रों का दावा है कि यह पहली बार नहीं है जब उक्त समूह विवादों में आया हो। आरोप है कि सुमित कुमार स्वयं को “एकता प्रेस एसोसिएशन” का प्रधान बताकर सक्रिय रहता था। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि उक्त संस्था का विधिवत पंजीकरण नहीं था और उसके नाम का इस्तेमाल विभिन्न गतिविधियों में किया जाता रहा।

वहीं अनिल वर्मा पर भी आरोप है कि वह स्वयं को “क्रांतिकारी प्रेस एसोसिएशन” का प्रधान बताकर सुमित कुमार के साथ विभिन्न धरना-प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा। सूत्रों का यह भी दावा है कि कई प्रदर्शन जनहित अथवा पत्रकारों के हित से जुड़े न होकर अन्य उद्देश्यों से किए जाते थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि कुछ मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के नाम पर धन लेने के आरोप भी सामने आए हैं। इन दावों की भी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

इसी बीच एक अन्य मामले में जस्पाल सिंह नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि सुमित कुमार और उसके साथियों ने कथित रूप से उसके घर के परिवार की तोड़फोड़ की तथा चोरी की घटना को भी अंजाम दिया इतना ही नहीं जसपाल सिंह के बेटे पर भी इस गिरोह द्वारा एक संघिन आरोपी की शिकायत दी गई थी जो पुलिस की तफ्तीश के बाद झूठी पाई गई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि घर में चोरी के मामले में भी पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और अंतिम सत्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सूत्रों के अनुसार, इस समूह से जुड़े अन्य मामलों और विवादों की जानकारी भी धीरे-धीरे सामने आ रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और भी कानूनी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।

(नोट: इस समाचार में उल्लिखित कई आरोप शिकायतकर्ताओं और सूत्रों के दावों पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक अथवा पुलिस जांच के बाद ही होगी। संबंधित पक्षों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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