जालंधर: नगर निगम जालंधर में कथित भ्रष्टाचार और लगभग 1,000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित स्मार्ट सिटी घोटाले का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है।

भाजपा पार्षद दल की बैठक में बनी रणनीति: भाजपा पार्षद दल के नेता मंजीत सिंह टीटू की अध्यक्षता में पार्षद मीनू ढंड के निवास पर पार्षदों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला भाजपा प्रधान अशोक सरीन ‘हिक्की’ भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार विजिलेंस जांच के नाम पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की फाइलों को दबा रही है और जिम्मेदार लोगों व अधिकारियों को बचाने का काम कर रही है।
AAP और कांग्रेस में मिलीभगत का आरोप: भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस घोटाले पर पर्दा डालने के लिए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच कथित अंदरूनी सांठगांठ चल रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उसकी रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
9 अक्टूबर को नगर निगम के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन: बैठक में मंजीत सिंह टीटू और जिलाध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की ने ऐलान किया कि स्मार्ट सिटी घोटाले के विरोध में 9 अक्टूबर को सभी भाजपा पार्षद नगर निगम के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर पार्षद मंजीत कौर, तरविंदर सोई, अजय बबल, कंवर सरताज, अमित ढल्ल, रवि कुमार, दर्शन लाल भगत सहित कई वरिष्ठ नेता और मंडल प्रधान उपस्थित रहे।









