जालंधर में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर बड़ा एक्शन! Bawa Building Materials को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का फाइनल नोटिस, 5 नवंबर को होगी कार्रवाई! जालंधर में प्रेमी के सुसाइड मामले में नया और सनसनीखेज मोड़: मृतका बहन के बड़े खुलासे; बोली- “भाई को झूठे केस और किडनैप की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थी गर्लफ्रेंड” एशियन हॉकी चैंपियनशिप से पहले जालंधर नगर निगम का बड़ा एक्शन: भगत सिंह कॉलोनी की झुग्गियों को हटाने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम; मकसूदां और DAV कॉलेज पुल के पास भी मुनादी मौसम बदलते ही जालंधर में मंडराया डेंगू का खतरा: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी किया हाई अलर्ट; साफ पानी जमा न होने देने और सतर्क रहने की अपील जालंधर में साइबर ठगों की बड़ी चाल नाकाम: ट्रैफिक पुलिस के ASI ने अपनी सूझबूझ से बचाए बैंक खाते की गाढ़ी कमाई; ठगों ने ऐसे रची थी साजिश जालंधर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई: गांव ताजपुर में ‘किरण क्लीनिक’ पर रेड; मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के दस्तावेज नहीं दिखा सका संचालक

जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन बनेगा हाईटेक: 95 करोड़ से एयरपोर्ट जैसी मिलेगी नई लुक; पुरानी इमारत ढहाने का काम शुरू

जालंधर: नवनिर्मित कैंट रेलवे स्टेशन के बाद अब जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की दिशा में काम तेजी से शुरू हो गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा करीब ₹95.06 करोड़ की लागत से बनने वाले इस हाईटेक स्टेशन के लिए पुरानी इमारत को डिच मशीनों की मदद से तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।

एयरपोर्ट जैसी होंगी सुविधाएं: नया सिटी रेलवे स्टेशन 90 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा होगा, जिसे एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक लुक दिया जाएगा। यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए परिसर में 6 से 8 लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। नई मुख्य एंट्री SBI ATM वाले स्थान से शुरू होकर GRP थाने के आगे तक कवर होगी, जिससे यात्रियों को प्रवेश और निकास में बड़ी राहत मिलेगी।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयारी: वर्तमान में यहां से रोजाना लगभग 25 से 30 हजार यात्री और 154 ट्रेनें गुजरती हैं। रेलवे भविष्य में रोजाना 60 हजार यात्रियों के आवागमन को ध्यान में रखकर यह मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। सुरक्षा को देखते हुए पुरानी वायरिंग हटाने के साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से डिमोलिशन का काम चल रहा है, ताकि आम यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो।

सीवरेज और जलभराव की समस्या से मिलेगी मुक्ति: बारिश के दिनों में पटरियों पर पानी भरने की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए प्रोजेक्ट के तहत पूरे सीवरेज सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा। नई पाइपलाइनें बिछाकर जलभराव की समस्या को हमेशा के लिए दूर किया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने में एक साल से अधिक का समय लगने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें