जालंधर में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर बड़ा एक्शन! Bawa Building Materials को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का फाइनल नोटिस, 5 नवंबर को होगी कार्रवाई! जालंधर में प्रेमी के सुसाइड मामले में नया और सनसनीखेज मोड़: मृतका बहन के बड़े खुलासे; बोली- “भाई को झूठे केस और किडनैप की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थी गर्लफ्रेंड” एशियन हॉकी चैंपियनशिप से पहले जालंधर नगर निगम का बड़ा एक्शन: भगत सिंह कॉलोनी की झुग्गियों को हटाने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम; मकसूदां और DAV कॉलेज पुल के पास भी मुनादी मौसम बदलते ही जालंधर में मंडराया डेंगू का खतरा: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी किया हाई अलर्ट; साफ पानी जमा न होने देने और सतर्क रहने की अपील जालंधर में साइबर ठगों की बड़ी चाल नाकाम: ट्रैफिक पुलिस के ASI ने अपनी सूझबूझ से बचाए बैंक खाते की गाढ़ी कमाई; ठगों ने ऐसे रची थी साजिश जालंधर में ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई: गांव ताजपुर में ‘किरण क्लीनिक’ पर रेड; मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के दस्तावेज नहीं दिखा सका संचालक

72 साल की बुजुर्ग महिला के RTI वार से हिला जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट: उपभोक्ता आयोग ने सुनाया बड़ा फैसला; ब्याज और मुआवजे के साथ पैसे लौटाने के आदेश

जालंधर: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (JIT) को मास्टर गुरबंता सिंह एनक्लेव (इंद्रपुरम विकास योजना) में फ्लैट आवंटित करने के बाद बुनियादी सुविधाएं न देने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से बड़ा झटका लगा है। आयोग ने 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुदर्शन टांगरी की शिकायत पर फैसला सुनाते हुए ट्रस्ट को जमा राशि ब्याज सहित लौटाने और मुआवजा देने का सख्त आदेश दिया है।

2006 से अटका था महिला का पैसा: शिवराज गढ़ की रहने वाली सुदर्शन टांगरी ने वर्ष 2006 में ब्लॉक-ए की दूसरी मंजिल पर LIG फ्लैट (नंबर 78) बुक करवाया था और किस्तों में कुल ₹4,54,677 जमा किए थे। आरोप है कि ट्रस्ट ने केवल ‘कागजी कब्जा’ दिया, जबकि मौके पर 45 फीट चौड़ी सड़क, सीवरेज, पेयजल, कम्युनिटी हॉल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध ही नहीं थीं।

RTI की जानकारी बनी सबसे बड़ा हथियार: ट्रस्ट ने अदालत में तर्क दिया कि आवंटन ‘जैसा है, जहां है’ के आधार पर था और शिकायत समय-सीमा से बाहर है। हालांकि, सुदर्शन टांगरी ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत हासिल किए गए पुख्ता कागजात आयोग के सामने रखे। ट्रस्ट जब कंप्लीशन सर्टिफिकेट (Completion Certificate) पेश नहीं कर सका, तो आयोग ने ट्रस्ट की दलीलों को खारिज कर दिया।

45 दिन में करना होगा ₹4.94 लाख से अधिक का भुगतान: उपभोक्ता आयोग ने ट्रस्ट को आदेश दिया है कि वह महिला की जमा राशि ₹4,54,677 पर 9% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करे। इसके अलावा:

  • मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा: ₹30,000

  • मुकदमा खर्च: ₹10,000

आयोग ने पूरी अदायगी के लिए 45 दिनों की मोहलत दी है। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो ब्याज दर में 3 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें