नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हालिया मूसलाधार बारिश के बाद पैदा हुए जलभराव (Waterlogging) के संकट को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार और लोक निर्माण विभाग (PWD) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। जलजमाव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी मंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने जमीनी स्तर पर उतरकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर 139 हॉटस्पॉट्स चिन्हित
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जलभराव के लिए अत्यंत संवेदनशील घोषित किए गए 139 मुख्य हॉटस्पॉट्स को प्राथमिकता के आधार पर कवर किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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महरौली-बदरपुर (MB) रोड: जहां पानी के भारी भराव के कारण ट्रैफिक की गति थम जाती है।
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एमजी (MG) रोड: दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग, जहां नालों के ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है।
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नंगली-नजफगढ़ स्ट्रेच: बाहरी दिल्ली का वह हिस्सा जहां ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होने से जलभराव गंभीर रूप ले लेता है।
नालों की तत्काल सफाई और सुपर-सकर मशीनों की तैनाती के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई प्रमुख सड़कों पर गाद (Silt) जमने और कचरा फंसने की वजह से नालों से पानी की निकासी ठप हो गई थी। इस पर संज्ञान लेते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री ने संबंधित इंजीनियरों को चौबीसों घंटे काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
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हाई-पावर पंप और सुपर-सकर मशीनें: जिन निचले इलाकों में पानी तुरंत नहीं निकल पाता, वहां पोर्टेबल और परमानेंट पंपों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है।
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क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT): किसी भी इलाके में जलभराव की शिकायत मिलने पर 15 से 20 मिनट के भीतर कार्रवाई के लिए विशेष टीमों को मुस्तैद रखा गया है।
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आपदा कंट्रोल रूम: PWD ने एक समर्पित 24×7 कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया है, जहां जलजमाव की तस्वीरें और स्थान की जानकारी आते ही तुरंत नाला सफाई दस्ता भेजा जाएगा।
भविष्य की तैयारियों पर भी जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल तात्कालिक कदम नहीं हैं, बल्कि मानसून के शेष दिनों के लिए एक स्थायी कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जा रही है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि किसी भी ढिलाई की स्थिति में जिम्मेदार कर्मचारियों व इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि दिल्लीवासियों को बारिश के दौरान जाम और जलभराव की परेशानी का सामना न करना पड़े।








