नई दिल्ली: उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता ने आम जीवन की रफ्तार रोक दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, निचले और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ रेखा की सक्रियता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। इस दौरान लोगों को बिना वजह बाहर न निकलने, पेड़ों और पुरानी इमारतों के नीचे शरण न लेने तथा वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश से कई स्थानों पर बिजली के खंभे, होर्डिंग्स और पेड़ों की टहनियां गिरने का जोखिम बना हुआ है।
पहाड़ों में लैंडस्लाइड तो मैदानों में वॉटरलॉगिंग का खतरा
-
पहाड़ी राज्य (हिमाचल और उत्तराखंड): लगातार बारिश के चलते शिमला, मनाली, कुल्लू, कांगड़ा और देहरादून जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा काफी बढ़ गया है। कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण सड़कें भूस्खलन के कारण बाधित हो सकती हैं, जिससे यात्रियों और पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
-
मैदानी इलाके (दिल्ली, पंजाब और हरियाणा): दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और पंजाब के निचले इलाकों में भारी जलभराव (Waterlogging) की चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली PWD और संबंधित स्थानीय नगर निगमों ने सड़कों और अंडरपास में पानी भरने से रोकने के लिए हाई-पावर पंप तैनात किए हैं। सुबह और शाम की पीक आवर्स के दौरान यातायात जाम की गंभीर समस्या हो सकती है।
प्रशासन की अपील और दिशानिर्देश
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तटीय व नदी-नालों के आसपास के निवासियों को जलस्तर पर नजर रखने को कहा गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अंतरराज्यीय यात्रा पर निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक अपडेट और मौसम की ताजा रिपोर्ट अवश्य चेक कर लें।








